डॉक्टर हसन रूहानी ने सोमवार को मौलिक व नागरिक अधिकारों की बैठक में कहा कि इमाम ख़ुमैनी ने संविधान में इस्लामी गणतंत्र पर ताकीद की है। उन्होंने कहा कि इस्लामी गणतंत्र सरकार का आधार लोगों की राय है।
उन्होंने बल दिया की देश के संविधान को विश्व स्तर पर अहमियत दी जाती है। ईरानी राष्ट्रपति ने कहा कि देश के संविधान में ख़ास तौर पर राष्ट्र के अधिकार से संबंधित क़ानून और नियम स्पष्ट व आधुनिक हैं, जिन्हें दुनिया के सामने आधुनिक संविधान के तौर पर पेश किया जा सकता है।
डॉक्टर हसन रूहानी ने अपनी सरकार की गैस और तेल के संयुक्त मैदानों से संसाधन निकालने की कोशिश और अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय में सफलता को राष्ट्रीय अधिकारों की प्राप्ति की मिसालें बताया। उन्होंने कहा कि ईरानी सरकार ने शिक्षा, स्वास्थ्य और जीवन की ज़रूरतों के क्षेत्र में जनता को अधिकार दिलाने की कोशिश की है।